अँधेरी रात में पेड़ो पर जुगनुओ का चमकना
या आसमान में सितारों का टिमटिमाना
भौर में चिड़ियों का चहचहाना
या शाम को झुण्ड बनाकर अपने घरो को उड़ जाना
यह दृश्य बहुत सुन्दर तो है
पर सबसे सुन्दर नहीं
उगते हुए सूरज की लालिमा
या शाम को छिटकी पीताम्बरी छठा
भौर में ओस से सर नवाये दूब के पत्ते
या बारिश की बूंदो से पत्तो का झुक जाना
ये दृश्य बहुत सुन्दर तो है
पर सबसे सुन्दर नहीं
सबसे सुन्दर है वह मुस्कान
जो गहरी उदासी के बाद मिलती है
आशा की वह सुनहरी किरण
जो घने बदलो को बेधकर निकलती है
वह कोमल कपोल पत्ता
जो टूटी टहनी के स्थान पर उगता है
वह हरी भरी शाखा
जो कटे पेड़ कि ठूठ से उगती है
जो बुझे दिल से फिर उठने लगती है
जो हर परिस्थिति में जीने की ताकत देता है









